*बागी बलिया का गौरवशाली इतिहास मंगल पाण्डेय और चित्तू पाण्डेय ने लिख दिया है, इसे मिटाया नहीं जा सकता — नरसिंह पाण्डेय
नौतनवां महराजगंज —बलिया के लोगों को अंग्रेजों का दलाल कहकर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंत्री डॉक्टर संजय निषाद ने बलिया के शहीदों का अपमान किया है। हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष नरसिंह पाण्डेय ने मंगलवार को डॉ. संजय निषाद के हालिया बयान की तीखी आलोचना की है,श्री पाण्डेय ने कहा,कि “बागी बलिया का गौरवशाली इतिहास मंगल पाण्डेय, चित्तू पाण्डेय और उनके साथियों ने लिख दिया है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता। डॉ संजय निषाद के बयान से न सिर्फ ऐतिहासिक तथ्यों का अपमान हुआ है, बल्कि बलिया के शहीदों की वीरता का भी अनादर है।”
नरसिंह पाण्डेय ने आगे कहा, “1857 में मंगल पाण्डेय ने सिपाही विद्रोह की चिंगारी जलाई, और 1942 में चित्तू पाण्डेय के नेतृत्व में बलिया ने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर खुद को आजाद घोषित किया। इस लड़ाई में राधामोहन सिंह, विश्वनाथ चौबे, तारा रानी श्रीवास्तव और परमात्मानंद सिंह जैसे अनगिनत वीरों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऐसे में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
डॉ. संजय निषाद निषाद राज के वंशज हैं, जिनकी भगवान राम में गहरी आस्था थी। उन्हें समाज को तोड़ने वाला नहीं, समाज को जोड़ने वाला बयान देना चाहिए, जिससे किसी के गौरवशाली इतिहास की गरिमा को आघात न पहुंचे।”श्री पांडेय ने डॉ. निषाद से अपील करते हुए कहा कि, “उन्हें अपनी भूल को सुधार कर बलिया की गौरवशाली परंपरा का सम्मान करना चाहिए।, जो लोग डॉ संजय निषाद के बयान के बाद एक दूसरे के समर्थन में जीभ और सिर काटने पर इनाम की घोषणा कर रहे हैं उन्हें अपनी हरकत बंद कर देनी चाहिए।ऐसे लोग समाज के दुश्मन है।





















