जिलाधिकारी सन्तोष कुमार शर्मा ने आज कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, निचलौल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए वार्डन को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि छात्राओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर, रसोईघर, छात्रावास, शौचालय, एवं कक्षाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास में चल रहे डॉरमेट्री, अतरिक्त कक्षा कक्ष व कंप्यूटर कक्ष के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की भी समीक्षा की। प्रथमदृष्टया निर्माण कार्य संतुष्ट न होने पर जिलाधिकारी ने कार्य की तकनीकी जांच हेतु एक तकनीकी समिति नामित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता और मानकों का सम्यक परीक्षण किया जा सके।
जिलाधिकारी ने विद्यालय का बाउंड्री वॉल कराने और बालिकाओं के लिए बने ओपन जिम स्थल के समतलीकरण का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालय के मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने और समस्त कैमरे को क्रियाशील रखने का निर्देश दिया। आरओ मशीन के खराब मिलने पर नाराजगी व्यक्त की और तत्काल मरम्मत का निर्देश दिया। रसोई का निरीक्षण करते हुए अप्रैल से अक्टूबर तक खाद्यान्न की जांच के समस्त रिपोर्ट को प्रस्तुत करने हेतु सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा को निर्देशित किया।
जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका की भी जांच की। दो शिक्षक संदीप कुमार और रीमा यादव सीएल पर थे, लेकिन प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से अवकाश न लेने पर वार्डन से स्पष्टीकरण लेने हेतु बीएसए को निर्देशित किया। जबकि कुमारी नेहा जो कि 26 जुलाई से बिना सूचना अनुपस्थित थीं, उनको नोटिस जारी कर हटाने का निर्देश दिया। कहा कि छात्राओं के शैक्षणिक कार्य में शिथिलता स्वीकार्य नहीं है
जिलाधिकारी ने विद्यालय में रह रही बालिकाओं से संवाद भी किया। उन्होंने छात्राओं से विद्यालय में उपलब्ध भोजन, पानी, स्वच्छता, सुरक्षा और शिक्षण व्यवस्था से संबंधित जानकारी ली। छात्राओं ने अपनी पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों के विषय में जिलाधिकारी को अवगत कराया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बालिकाओं को अपने जीवन के लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्राओं की सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे और विद्यालय को आदर्श रूप में विकसित करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं।
विद्यालय में कुल 140 छात्राओं
का नामांकन है, जिसमें कुल 108 छात्राएं उपस्थित थीं।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता, बीएसए रिद्धि पांडेय, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, विद्यालय की वार्डन तथा शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।





















